Products

watch this small video- Farmers create it and showing results of our Innovated products

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बीज उपचार- बीज उपचार बेहद आवश्यक है,इससे बीज जनित रोगों से सुरक्षा मिलती है साथ ही बीज का जमाव जल्दी व् अधिसंख्य होता है.

इसके लिए हमारा उत्पाद कमाल-505-केसरी बेहद उपयोगी पाया गया है.हज़ारों किसान इससे संतुष्ट हैं. 50 किलो बीज हेतु केवल 200 ग्राम केसरी काफी होता है.

तरीका– 200 ग्राम केसरी को पहले प्लास्टिक के बर्तन में एक लीटर पानी के साथ अच्छी तरह घोल लें. फिर बीज को प्लास्टिक शीट या पक्के फर्श पर ढेर बनाएं. फिर तैयार घोल को इस  के बीज के ढेर पर डालें व् अच्छी तरह मिलाएं,जब सारा घोल बीज पर परत की तरह चढ़ जाये तो बीज को काली प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढकें,केवल 20,25 मिनट तक ढका रहने दें,इसके बाद छाया में सुखाएं,ख्याल रहे की बीज को धूप न लगे. जब अच्छी तरह सूख जाये तो बिजाई करें,सम्भव हो तो बिजाई सांयकाल के समय करें,तेज  धूप ,गर्म मौसम में बिजाई करने से बचें.

Seed treatment- Seed treatment is very important, it provides protection from seed borne diseases as well as deposition of seeds is quick and abundant.
For this our product Kamaal-505-Kesari has been found very useful. Thousands of farmers are satisfied with this. Only 200 grams of Kesari is enough for 50 kg of seeds.
Method- First, dissolve 200 grams of Kesari with one liter of water in a plastic vessel. Then make a pile of seeds on
a plastic sheet or pucca floor. Then pour the prepared solution on the pile of seeds and mix well, when all the solution is coated on the seed like a layer, then cover the seed well with a black plastic sheet, leave it covered for only 20, 25 minutes, after that shade Dry it in, taking care that the seed does not get sunlight. Sowing should be done when it dries well, if possible, do sowing in evening time, avoid sowing in hot sun and hot weather.

 

SOIL TREATMENT

किसी भी फसल की बिजाई से पूर्व भूमि उपचार का विशेष महत्व है. क्योंकि भूमि में कई तरह के रोगाणु,विषाणु,कीटों के लार्वा आदि मौजूद होते हैं जो बाद में फसलों को बहुत नुकसान पहुंचते हैं तथा कीटनाशियों आदि के खर्च के बावजूद भी उपचार नहीं हो पाता,इस तरह खर्च बढ़ जाता है व पैदावार में भी कमी आती है साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता पर भी विपरीत असर पड़ता है. अतैव भूमि का उपचार अवश्य करें.

हमारे उत्पाद भूमि उपचार हेतु बहुत सफल पाए गए हैं. यह न केवल भू-जनित समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सहायक हैं अपितु भूमि में मौजूद पोषक तत्वों को भी घुलनशील अवस्था में ले आते है,इससे सभी निष्क्रिय तत्व फसलों के काम आते हैं. भूमि में जैविक प्रक्रिया आरम्भ होने से मिटटी की उर्वरा शक्ति में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होती है.

उत्पाद- कमाल-क्लैंपकमाल-505.

मात्रा- कमाल-क्लैंप 04 किलोग्राम,व कमाल-505 एक लीटर.

तरीका- बिजाई से पूर्व अंतिम जुताई के समय. दोनों उत्पादों को पहले बारीक सूखे रेत में मिलाकर भुरभुरा कर लें. फिर जो भी उर्वरक प्रयोग कर रहे हों,जैसे DAP  आदि के साथ अच्छी तरह मिलाये,फिर सारे  खेत में बुरकाव करें व् गहरी जुताई कर दें. व बिजाई कर दें. 

Soil treatment is of great importance before sowing any crop. Because many types of pathogens, viruses, insect larvae etc. are present in the land, which later cause great damage to the crops and despite the cost of insecticides etc. Along with this, the quality of the product also gets adversely affected. Therefore, the land must be treated.
Our products have been found very successful for land treatment. It not only helps in getting rid of land-borne problems, but also brings the nutrients present in the soil in a soluble state, due to which all the dormant elements are useful for the crops. Due to the beginning of the biological process in the soil, the fertility of the soil also increases progressively.
ProductKamaal-Clamp & Kamaal-505.
Quantity- Kamaal-clamp 04 kg, and Kamaal-505 1 litre.
Method – At the time of last ploughing before sowing. Mix both the products in finely dry sand and grind them to a fine powder. Then mix well with whatever fertilizers you are using, like DAP etc., then sprinkle all over the field and do deep plowing. And sow it.

 

बिजाई के लगभग 20 ,25 दिन का समय अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है,यह जड़ों का व् पौधे के  विकास का समय होता है. अगर इस समय सही खुराक,उपचार न मिले तो पौधों का सही विकास नहीं हो पाता व  पैदावार में कमी आ जाती है.

इस समय हम नाइट्रोजन जैसे उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं,लेकिन पाया गया है की भरपूर उर्वरक आदि देने के बावजूद भी सम्पूर्ण विकास नहीं होता. इसका कारण है की भूमि में उर्वरक आदि को खुराक में बदलने की जो प्राकृतिक व्यवस्था होती है वह कमजोर है अर्थात भूमि में जैविक प्रक्रिया नहीं हो रही जो उर्वरकों को खुराक में बदल सके व  जड़ें न खुराक ग्रहण कर पाती हैं न पौधों को पोषण मिल पाता  है.

इसीलिए गहन शोध के उपरांत प्राकृतिक जड़ी बूटियों से आयुर्वेदिक सिद्धांतों का आधार लेकर ऐसे अनूठे उत्पाद कृषिको ने बनाये हैं जो इस समस्या का निवारण करने में सक्षम हैं. ये उत्पाद न केवल भूमि में उपस्थित पोषक तत्वों को सक्रिय करते हैं बल्कि आप जो भी उर्वरक [ऑर्गेनिक या इनऑर्गेनिक] हमारे उत्पादों संग मिलाकर देते हैं वह सभी पौधे आसानी से ग्रहण कर  लेते हैं. साथ ही भूमि में अगर कोई कीट या रोग के कारण  मौजूद होते हैं उनका भी समाधान हो जाता है.  भूमि में जैविक प्रक्रिया तीव्रता से विकसित होती है इससे जड़ें गहराई तक जाकर अत्यधिक,उपलब्ध पोषक तत्व ग्रहण करने में सक्षम  हो जाती हैं.

भूमि बेहद नरम हो जाती है,पानी सोखने व जल-धारण की क्षमता विकसित होती है. भूमि में जल व वायु का आवागमन  सुगम होता है. अर्थात भूमि में जीवन प्रक्रिया का विकास हो जाता है. हमारे उत्पादों की  विशेषता है आप इनको जैविक,कार्बनिक या रासायनिक उत्पादों संग भी प्रयोग कर सकते है.जो भी उर्वरक आदि आप हमारे उत्पादों संग मिलाकर प्रयोग करते हैं उनकी कार्यशीलता में तीव्र वृद्धि हो जाती है. इस कारण उर्वरकों आदि का खर्च भी उत्तरोत्तर कम होता जाता है.

उत्पाद- कमाल –क्लैंप, मात्रा- ४ से ६ किलोग्राम प्रति एकड़.

विधि क्लैंप को सम मात्रा में सूखे रेत के साथ मिलाकर बारीक व् भुरभुरा कर लें.फिर जो भी उर्वरक आदि दे रहे है उनमें अच्छी तरह मिला लें. फिर खेत में पानी लगाएं व् खेत पानी से भरने के तुरंत बाद एकसार बुरकाव/छिड़काव करें.अगर फव्वारा सिंचाई साधन हों तो तो जितना भी क्षेत्र फव्वारे कवर रहे हो उतने क्षेत्र में उपरोक्त मिश्रण डाल  दें व तुरंत फव्वारे चालू कर दें. इतने समय तक चलाये कि  उत्पाद अच्छी तरह घुलकर भूमि में चले जाएँ.

The time of about 20, 25 days after sowing is very important, it is the time of root and plant development. If the right dosage, treatment is not given at this time, then the proper development of the plants is not possible and the yield decreases.
At this time we use fertilizers like nitrogen, but it has been found that even after giving enough fertilizers etc., there is no complete development. The reason for this is that the natural system in the soil to convert fertilizers into supplements is weak, that is, biological processes are not taking place in the soil, which can convert fertilizers into supplements, and the roots are neither able to take the food nor the plants get nutrition. Is.
That is why after intensive research, taking the basis of Ayurvedic principles from natural herbs, such unique products have been made by the farmers, which are capable of solving this problem. These products not only activate the nutrients present in the soil, but all the fertilizers [organic or inorganic] you give by mixing our products are easily absorbed by all the plants. Also, if any pests or diseases are present in the soil, they also get resolved. The biological process in the soil develops rapidly, due to which the roots are able to go deep and absorb the maximum available nutrients.
The land becomes very soft, the ability to absorb and hold water develops. The movement of water and air in the land is easy. That is, the development of life process takes place in the land. The specialty of our products is that you can use them with organic, organic or chemical products as well. Whatever fertilizers etc. you use in combination with our products, their efficiency increases sharply. Due to this, the cost of fertilizers etc. is also progressively reduced. Product – Kamaal -Clamp, Quantity – 4 to 6 kg per acre.

Method – Mix the clamp with dry sand in equal quantity and make it fine and crumbly. Then mix it well in whatever fertilizers etc. is being given. Then apply water in the field and immediately after filling the field with water, sprinkle/spray it. Stir for such a long time that the product mixes well and goes into the ground.

बिजाई के लगभग 45-50 दिन बाद:-

उत्पाद- कमाल -क्लैंप।  मात्रा- ४ से ६ किलोग्राम प्रति एकड़.

विधि क्लैंप को सम मात्रा में सूखे रेत के साथ मिलाकर बारीक व् भुरभुरा कर लें.फिर जो भी उर्वरक आदि दे रहे है उनमें अच्छी तरह मिला लें. फिर खेत में पानी लगाएं व् खेत पानी से भरने के तुरंत बाद एकसार बुरकाव/छिड़काव करें.अगर फव्वारा सिंचाई साधन हों तो तो जितना भी क्षेत्र फव्वारे कवर रहे हो उतने क्षेत्र में उपरोक्त मिश्रण डाल  दें व तुरंत फव्वारे चालू कर दें. इतने समय तक चलाये कि  उत्पाद अच्छी तरह घुलकर भूमि में चले जाएँ.

ProductKAMAAL-Clamp.

Quantity – 4 to 6 kg per acre. Method – Mix the clamp with dry sand in equal quantity and make it fine and crumbly. Then mix it well in whatever fertilizers etc. is being given. Then apply water in the field and immediately after filling the field with water, sprinkle/spray it. Stir for such a long time that the product mixes well and goes into the ground.

प्रणीय छिड़काव- कीटों,रोगों आदि से सुरक्षा कवच का निर्माण होता है.तथा पत्तों में वातावरण से पोषण ग्रहण करने की शक्ति का विकास भी होता है. पौधों में कीटो व् रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है.

उत्पाद- कृषिको-वोल्गा  {KHL-WOLGA [K-55]} + कमाल-505, कनिपर

मात्रा– वोल्गा 3 से 4 मिलीलीटर व कमाल-505 2 से 3 मिलीलीटर,कनिपर [KAMAAL-505-KNIPER] 1 से 2 मिलिटर  प्रति लीटर पानी के साथ.

विशेष– ध्यान रखें की उपरोक्त उत्पादों को सीधे स्प्रे पम्प में न डालें,बल्कि एक कप में तीनों उत्पादों की वांछित मात्रा लेकर खूब अच्छी तरह हिलाकर मिलाये,फिर स्प्रे पम्प के टैंक को आधा पानी से भरें व तैयार मिश्रण डालें. कोशिश करें की तेज धूप  या ओस के समय प्रयोग न करें. अगर कीटों का आक्रमण ज्यादा हो तो साथ में कोई भी विशेषज्ञ द्वारा सुझाया गया रासायनिक उत्पाद भी मिला सकते हैं.रासायनिक  उत्पाद की सुझाई गई मात्रा को लगभग आधी कर लें.  ताकि कीटों पर तुरंत नियंत्रण सम्भव हो सके. हमारे उत्पादों के प्रयोग से अधिक समय तक पौधों में प्रतिरोधक क्षमता विद्यमान रहती है.

Affectionate spraying- A protective shield is formed from pests, diseases etc. And the power of taking nutrition from the environment is also developed in the leaves. Plants develop immunity to fight against pests and diseases.
Product–  {KHL-WOLGA [K-55]} + Kamaal-505, Kniper
Quantity – Wolga 3 to 4 ml and Kamaal-505 2 to 3 ml, Kniper [KAMAAL-505-KNIPER] 1 to 2 ml per liter of water.
Special- Keep in mind that do not pour the above products directly into the spray pump, but take the desired amount of all three products in a cup and mix it very well, then fill the spray pump tank half with water and pour the prepared mixture. Try not to use during strong sunlight or dew. If the attack of pests is high, then any chemical product recommended by the expert can also be mixed with it. Reduce the recommended amount of chemical product to about half. So that immediate control of pests can be possible. By using our products, the immunity remains present in the plants for a long time.

अन्त्तिम उपचार- दाना बन जाने के उपरांत- यह समय बेहद कीमती होता है,दानों की गुणवत्ता,साइज वजन में  वृद्धि हेतु सिंचाई के साथ कमाल-क्लैंप का परयो करे. मात्रा- ४ किलोग्राम प्रति एकड. किलो सूखे रेत में मिलाकर पानी लगाने के तुरंत बाद एकसार बुरकाव/छिड़काव करें,ओस या तेज धूप में प्रयोग ना करें.

Final treatment – After the formation of grain – this time is very valuable, to increase the quality, size and weight of the grains, try using KAMAAL-clamp with irrigation. Quantity – 4 kg per acre. Mix in kg of dry sand and sprinkle water immediately after applying water, do not use in dew or strong sunlight.

प्रणीय छिड़काव- कीटों,रोगों आदि से सुरक्षा कवच का निर्माण होता है.तथा पत्तों में वातावरण से पोषण ग्रहण करने की शक्ति का विकास भी होता है. पौधों में कीटो व् रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है.

उत्पाद- कृषिको-वोल्गा  {KHL-WOLGA [K-55]} + कमाल-505, कनिपर

मात्रा– वोल्गा 3 से 4 मिलीलीटर + कनिपर [KAMAAL-505-KNIPER] 1 से 2 मिलिटर  प्रति लीटर पानी के साथ.

विशेष– ध्यान रखें की उपरोक्त उत्पादों को सीधे स्प्रे पम्प में न डालें,बल्कि एक कप में तीनों उत्पादों की वांछित मात्रा लेकर खूब अच्छी तरह हिलाकर मिलाये,फिर स्प्रे पम्प के टैंक को आधा पानी से भरें व तैयार मिश्रण डालें. कोशिश करें की तेज धूप  या ओस के समय प्रयोग न करें. अगर कीटों का आक्रमण ज्यादा हो तो साथ में कोई भी विशेषज्ञ द्वारा सुझाया गया रासायनिक उत्पाद भी मिला सकते हैं.रासायनिक  उत्पाद की सुझाई गई मात्रा को लगभग आधी कर लें.  ताकि कीटों पर तुरंत नियंत्रण सम्भव हो सके. हमारे उत्पादों के प्रयोग से अधिक समय तक पौधों में प्रतिरोधक क्षमता विद्यमान रहती है.

 

 

NEW PRODUCT FOR KITCHEN GARDENING,POTS,BACKYARD GARDENS.

After huge demand from our urban friends we innovated and launched this in 2020,now its too much famous between our urban users.

Natural Plant Food.

Its new invention for kitchen gardening, backyard lawn, pots etc. It’s based on natural herbs, oils, extract of plants, without using any harmful chemicals, safe to users.

It prevents plants roots from insects, fungus, and desease,make root strong, activate available nutrients in soil. Less need of fertilizers etc.  Provide a safety environment for plants.

Healthy plants, good flowering, greenery etc. Less quantity needed only one or two tea spoons quarterly

Available in 500 gms pouch pack.

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Poster NPF

 

 

 

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